नक्सल प्रभावित क्षेत्र से निकलकर UPSC में हासिल की 7वीं रैंक, कई परीक्षाओं को कर चुके हैं टॉप

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कहते हैं कि किसी भी काम को पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ किया जाए तो उसमें सफलता जरूर मिलती है। हाल ही में UPSC CSE 2020 के परिणाम घोषित हो चुके हैं। इस परिणाम में कई परीक्षार्थियों ने अपनी काबिलियत का परचम लहराया है। आज हम आपको इन्हीं में से एक 7वीं रैंक हासिल करने वाले प्रवीण कुमार के बारे में बताने जा रहे हैं। आज पूरा बिहार प्रवीण पर गर्व कर रहा है। इससे पहले भी प्रवीण ने कई मुश्किल परीक्षाओं को पास किया है और अच्छी रैंक हासिल की है। हालांकि प्रवीण के लिए भी ये सफर आसान नहीं रहा। आइए जानते हैं प्रवीण के इस सफर से जुड़ी कुछ खास बातें।

नक्सल प्रभावित क्षेत्र से आते हैं प्रवीण

आज हम आपको संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में 7वीं रैंक हासिल करने वाले प्रवीण के बारे में बताने जा रहे हैं। प्रवीण जमुई ज़िले के चकाई में रहते हैं। ये क्षेत्र नक्सलवादी गतिविधियों से प्रभावित क्षेत्र है। बचपन में प्रवीण ने भी आर्थिक तंगियों का सामना किया है। घर चलाने के लिए प्रवीण के पिता मेडिकल की दुकान चलाते थे। लेकिन इन सब हालातों के बावजूद प्रवीण ने आज पूरे परिवार का नाम रोशन कर दिया है।

कम संसाधनों में की पढ़ाई

दैनिक भास्कर से टेलिफोनिक साक्षात्कार के दौरान प्रवीण के पिता ने बताया कि प्रवीण बचपन से ही पढ़ने में खूब होशियार थे। प्रवीण ने कम संसाधनों में भी अच्छी पढ़ाई की है। प्रवीण ने शुरुआती शिक्षा झारखंड के रामकृष्ण स्कूल से पूरी की। 10वीं से 12वीं तक की पढ़ाई प्रवीण ने पटना के एक CBSE स्कूल से की थी। स्कूली पढ़ाई के बाद प्रवीण ने JEE परीक्षा को पास किया और उन्हें IIT कानपुर में दाखिला मिल गया।

कई परीक्षाओं में लहरा चुके हैं काबिलियत का परचम

2017 में इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद प्रवीण ने 2018 में गेट परीक्षा को दिया और उसमें पूरे देश में 5वीं रैंक हासिल की। इसी वर्ष प्रवीण ने इंजीनियरिंग सर्विसेस की परीक्षा दी इस परीक्षा में भी प्रवीण ने तीसरा स्थान हासिल किया। इस परीक्षा के बाद प्रवीण रेलवे में नौकरी करने लगे। ट्रेनिंग के दौरान ही प्रवीण सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी भी कर रहे थे। इसके बाद UPSC CSE 2020 में प्रवीण को 7वीं रैंक मिली है। आज पूरा परिवार प्रवीण की सफलता से बेहद खुश है।

होमलेस बच्चों के लिए करना चाहते हैं काम

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रवीण होमलेस बच्चों के लिए कुछ अच्छा करना चाहते हैं। प्रवीण के अनुसार वे हॉस्टल बनवाना चाहते हैं ताकि होमलेस बच्चों को घर के साथ साथ पढ़ने के लिए अच्छा माहौल भी मिल सके। इसके अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी प्रवीण जनहित में कार्य करना चाहते हैं। प्रवीण के अनुसार इस परीक्षा को स्मार्ट वर्क के साथ ही पास किया जा सकता है। प्रवीण के मुताबिक इस परीक्षा में भाग्य भी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

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