SV Saraswati: वो महिला जिसने बचाई 3000 लोगों की जान, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

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डॉक्टरों को धरती का भगवान कहा जाता है। क्यूंकि डॉक्टर ही अपनी प्रतिभा से रोजाना अनेकों लोगों की जान बचाते हैं। हालांकि आज के समय में कुछ लोगों ने डॉक्टरी को एक धंधा बना लिया है लेकिन आज भी समाज में ऐसे कई डॉक्टर हैं जो निस्वार्थ भाव से मरीजों की सेवा कर रहे हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही महिला डॉक्टर के बारे में बताने जा रहे हैं जो आज कई लोगों के लिए भगवान बन चुकी हैं। इस महिला डॉक्टर ने एक नहीं, दो नहीं बल्कि 3000 लोगों की जान बचाकर इतिहास रच दिया है। इस महिला को राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित भी किया गया है। आइए जानते हैं ब्रिगेडियर एसवी सरस्वती के बारे में।

3000 लोगों की बचा चुकी हैं जान

आज हम आपको आंध्रप्रदेश के चित्तूर में रहने वाली एसवी सरस्वती के बारे में बताने जा रहे हैं। सरस्वती आज वाकई कई लोगों के लिए उनकी प्रेरणा का स्त्रोत बन चुकी हैं। सरस्वती ने 3000 लोगों की जान बचाकर इतिहास रच दिया है। सरस्वती 1983 में मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में शामिल हुई थी और अब तक वे 3000 से ज्यादा आपातकाल और लाइफ सेविंग सर्जरी का हिस्सा रह चुकी हैं।

राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

बता दें कि हाल ही में भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने सरस्वती को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगल पुरस्कार से सम्मानित भी किया है जो वाकई गर्व की बात है। अपनी सर्विस के दौरान सरस्वती ने हजारों लोगों और नर्सों को प्रशिक्षण भी दिया है। इसके अलावा भी सरस्वती ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पटल पर मिलिट्री नर्सिंग सर्विस का नाम रोशन किया है।

सैनिकों को बेसिक लाइफ सपोर्ट में प्रशिक्षित कर चुकी हैं सरस्वती

सरस्वती अब तक 1 हज़ार से भी ज्यादा सैनिकों और परिवारों को बेसिक लाइफ सपोर्ट में प्रशिक्षित कर चुकी हैं। सरस्वती ने हृदय सर्जरी और घाव को सिलने के लिए इस्तेमाल होने वाले धागों को भी खुद से तैयार किया है। लंबे अनुभव के बाद सरस्वती को मिलिट्री नर्सिंग सर्विस का उप महानिदेशक बनाया गया है।

कई अन्य पुरस्कारों से भी हो चुकी हैं सम्मानित

इससे पहले भी सरस्वती को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2005 में सरस्वती को ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ कमेंडेशन से नवाजा गया। इसके बाद 2007 में सरस्वती को संयुक्त राष्ट्र पदक और 2015 में चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ कमेंडेशन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। सरस्वती को फ्लोरेंस नाइटिंगल के नाम से भी जाना जाता है।

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