डॉक्टरी के बाद लिया सिविल सेवाओं में जाने का फैसला, तीसरे प्रयास में मिली 9वीं रैंक

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हाल ही में संघ लोक सेवा आयोग ने UPSC CSE 2020 के परिणाम घोषित किए हैं। इसमें कई उम्मीदवारों ने बढ़िया रैंक हासिल कर अपना सपना पूरा किया है। ऐसे में उत्तरप्रदेश की रहने वाली डॉ. अपाला मिश्रा ने भी यूपीएससी सीएसई 2020 में 9वीं रैंक हासिल कर सफलता को हासिल किया है। बताया जा रहा है कि अपाला हज़ारी प्रसाद द्विवेदी की नातिन हैं। हालांकि इस परीक्षा में अपाला को भी कई बार असफलताओं का सामना करना पड़ा था लेकिन अपाला ने बिना निराश हुए लगातार प्रयास जारी रखा और आखिरकार सफलता को हासिल कर लिया। आइए जानते हैं अपाला मिश्रा के UPSC सफर से जुड़ी कुछ खास बातें।

apala mishra
photo / instagram -apala mishra

पिता भी कर चुके हैं देश सेवा

हाल ही में UPSC CSE 2020 में डॉ. अपाला मिश्रा ने 9वीं रैंक हासिल कर पूरे परिवार का नाम रोशन कर दिया है। अपाला के घर खुशी का माहौल है। हर कोई अपाला को उनकी सफलता पर बधाइयाँ दे रहा है। बता दें कि अपाला मूल रूप से  यूपी के बस्ती के रहने वाले अमिताभ मिश्रा की बेटी हैं जो भारतीय सेना में कर्नल के पद पर अपनी सेवाएँ दे चुके हैं। अपाला की माँ अल्पना मिश्रा भी दिल्ली विश्वविद्यालय में हिन्दी विभाग की प्रोफेसर हैं। अपाला के भाई भी भारतीय सेना में मेजर के पद पर तैनात हैं।

देहारादून से हुई शुरुआती शिक्षा

अपाला ने अपनी शुरुआती शिक्षा देहारादून से प्राप्त की। जिसके बाद वे दिल्ली आ गईं और दिल्ली के दिल्ली पब्लिक स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की। इसके बाद अपाला ने डॉक्टरी में जाने का फैसला लिया और 2017 में हैदराबाद से डेंटल सर्जरी में स्नातक की डिग्री को हासिल कर लिया। डॉक्टरी की पढ़ाई के अंतिम वर्षों में ही अपाला ने सिविल सेवाओं में जाने का फैसला किया और तैयारी शुरू कर दी।

आत्मविश्वास और अनुशासन के सहारे हासिल की सफलता

इसके बाद अपाला ने यूपीएससी की परीक्षा दी लेकिन पहले दो प्रयासों में अपाला को असफलता ही हाथ लगी। लेकिन अपाला ने हार नहीं मानी और आत्मविश्वास के सहारे तीसरे प्रयास में 9वीं रैंक को हासिल किया। अपाला ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि इस परीक्षा की तैयारी के लिए सबसे जरूरी है अनुशासन। अपाला ने भी हमेशा से अनुशासन को सबसे पहले रखा है। साथ ही अपाला का मानना है कि सपनों को पूरा करने के लिए हौंसले होना भी बेहद जरूरी है।

कविताएं लिखने की शौकीन हैं अपाला

बता दें कि जानकारी के मुताबिक अपाला की माँ अल्पना हज़ारी प्रसाद द्विवेदी की भतीजी हैं और हज़ारी प्रसाद की रचनाओं ने हर किसी को प्रभावित किया है। इसका असर अपाला पर भी हुआ। अपाला भी एक रचनात्मक लेखिका हैं। अपाला की कई अंग्रेजी कविताओं को साहित्य अकादमी ने प्रकाशित भी किया है। अपाला अब सिविल सेवाओं में जाकर स्वास्थ्य और महिलाओं के क्षेत्र में कार्य करना चाहती हैं।

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