ओलंपिक में मेडल पर दांव लगाने की कोशिश करेंगे भारतीय पहलवान, इन सूरमाओं से रहेगी पदक की आस

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NEW DELHI  :टोक्यो ओलंपिक में मात्र दो दिन शेष है। ऐसे में भारतीय खिलाड़ी पूरी तैयारी में जुटे है। ताकि पदक को हासिल कर सके। ओलंपिक में सबसे अधिक उम्मीद रेसलिंग को लेकर है। सभी को उम्मीद है कि भारतीय पहलवान कुश्ती जीतते हुए मेडल पर अपना दांव लगा देंगे। अभी तक के ओलंपिक में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा है। रियो ओंलपिक में जब सभी तरफ से निराशा छा चुकी थी। तब भारतीय पहलवान साक्षी मलिक ने कांस्य पदक जीतकर भारत का पदक में खाता खोला था

पहलवानों के बल और चपलता पर टिकी निगाहे

भारत के लोगों की निगाहे एक बार फिर पहलवानों की बल चपलता और कौशल पर जाकर टिक गई है। टोक्यो ओलंपिक में कुश्ती में भारत का प्रतिनिधित्व सात पहलवान करने जा रहे है। जिसमें से चार महिला और तीन पुरुष शामिल है। इनमें से एशियाई खेलो की स्वर्ण पदक विजेता विनेश फौगाट और बजरंग पुनिया को सबसे बड़े दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। इन हाल में प्रदर्शन भी काफी शानदार रहा है।

53 किलो भार वर्ग में चुनौती पेश करेगी विनेश

विनेश फौगाट 53 किलोग्राम भार वर्ग में फ्री स्टाइल स्पर्धा में भारतीय चुनौती पेश करेगी। वहीं सीमा बिसला 50 किलोग्राम मे पदक के लिए अपना दांव लगाएगी। इसके अलावा अंशुमलिक 57 किलोग्राम और सोनम मलिक 62 किलोग्राम भार वर्ग मेंं चुनौती पेश करेंगी। पुरुष वर्ग में बजरंग पूनिया 65 किलोग्राम भार वर्ग में अपना दावा पेश करेंगे। इसके अलावा रवि दहिया 57 किलोग्राम भार वग और दीपक पुनिया 86 किलोग्राम भार वर्ग में अपनी भुजाओं का जोर दिखाएंगे। भारतीय कुश्ती दल की सबसे खास बात यह है कि सातों पहलवान हरियाणा से संबंध रखते है।

विनेश के ऊपर परिवार की परंपरा को आगे ले जाने का भार

विनेश फोगाट पहलवान महावीर फोगाट की भतीजी है। उन पर अपने परिवार की परंपरा को आगे ले जाने का भार है। रियो ओलंपिक में भी विनेश को पदक का दावेदार माना जा रहा था। लेकिन मैच में चोटिल होने के कारण उनका सपना टूट गया। फिर उन्होंने शानदार वापसी करते हुए साल 2018 में आयोजित गोल्ड कास्ट राष्ट्रमंडल खेलों और जकार्ता एशियाई खेलों में 50 किलोग्राम भार वर्ग मे पदक हासिल किया था।

एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली महिला पहलवान

एशियाई खेलों में विनेश स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली महिला पहलवान बनी थी। ओलंपिक से पहले अल्माटी में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर ओलंपिक के लिए अपनी दावेदारी पेश कर दी। वहीं पुरुष वर्ग में बजरंग पुनिया ओलंपिक में पदक जीतने के सबसे बड़े दावेदार है। विनेश की तरह बजरंग ने साल 2018 में आयोजित एशियाई राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक अपने नाम किए थे। इसके बाद वह बुडापेस्ट में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल अपने नाम करने में कामयाब रहे थे। ऐसे में वह ओलंपिक पदक जीतते ही केडी जाधव, सुशील कुमार और योगेश्वर दत्त के क्लब में शामिल हो जाएंगे।

दीपक पुनिया भी पदक के दावेदारों में शामिल

नूर सुल्तान में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीत चुके दीपक पुनिया भी पदक जीतने के दावेदारों मे शामिल है। वह 86 किलोग्राम भार वर्ग में चुनौती पेश करेंगे। इसके अलावा वह एशियाई चैंपियनशिप में दो बार गोल्ड मेडल हासिल कर चुके रवि दहिया भी ओलंपिक मेडल जीतने वाले खिलाडिय़ों में शामिल होने का दम रखते है।

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