तमाम चुनौतियों से नहीं मानी हार, पहले कांस्टेबल, फिर सबइंस्पेक्टर और अंत में बने आईपीएस

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New delhi : यूपीएससी पास करने वाले कैं डिडेट अलग-अलग क्षेत्रों से आते है। कई कॉरपोरेट नौकरी छोडक़र इस फील्ड में आता है तो कोई ग्रेजुएशन करने के बाद तैयारी करता है। ऐसे ही कैंडिडेट में राजस्थान के विजय सिंह गुर्जर आते है। जो पहले कांस्टेबल बने, फिर सबइंस्पेक्टर और अंत में आईपीएस बन गए। इन्होंने पुलिस की नौकरी करते हुए ही यूपीएससी की तैयारी की।

साल 2010 में कांस्टेबल के पद पर हुए नियुक्त

साल 2010 में विजय सिंह गुर्जर दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल नियुक्त हुए। उन्होंने नौकरी के साथ अपनी तैयारी जारी रखी। फिर वह सबइंस्पेक्टर के पद पर ही चयनित हुए। सबइंस्पेक्टर रहते हुए उन्होंने यूपीएससी की तैयार की।आईपीएस के रूप में सेलेक्ट हुए। राजस्थान के रहने वाले विजय सिंह गुर्जर ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल से की। विजय एक किसान परिवार से संबंध रखते हैे। उनके पिता खेतीबाढ़ी करते है। जबकि मां घर चलाने का काम करती है। विजय के पिता अधिक पढ़े लिखे नहीं है। लेकिन उन्होंने बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी।

संस्कृत विषय में हासिल की ग्रैजुएशन डिग्री

विजय ने साल 2002 में दसवीं की। 2004 में उन्होंने बारहवीं की परीक्षा दी। 2010 मे उन्होंने ग्रेजुएशन संस्कृत विषय से की। ग्रेजुएशन करने के बाद वह दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल नियुक्त हुए। इसके बाद वह सबइंस्पेक्टर के तौर पर नियुक्त हुए। सबइंस्पेक्टर बनने के बाद उन्होंने एसएससी परीक्षा पास करके इनकम टैक्स विभाग में नौकरी शुरू कर दी।

नौकरी के साथ अपनी तैरूारी रखी जारी

विजय ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में पहुंचने के बाद भी अपनी मेहनत जारी रखी। उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। विजय का मन था कि नौकरी छोडक़र पूरा समय पढ़ाई पर दे। लेकिन यह संभव भी नहीं था। उनको जब भी समय मिलता वह पढऩे लग जाते थे। यूपीएससी में कई बार उनको फेल का मुंह देखना पड़ा। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। साल 2016 में वह पेपर पास करके इंटरव्यू तक पहुंच गए। लेकिन फिर इंटरव्यू में असफल हो गए। इस असफलता ने उनका हौसला और अधिक बढ़ा दिया। अब उन्हें लगने लगा कि मंजिल उनके बेहद ही करीब है। वह और अधिक मेहनत से जुट गए।

साल 2017 में विजय की मेहनत लाई रंग

लगातार मेहनत करने का परिणाम विजय को 2017 में मिल गया। उनकी मेहनत रंग लाई। उन्होंने परीक्षा में 574वा रैंक हासिल किया। विजय का कहना है कि यूपीएससी पास करने के लिए आपका बैकग्राउंड मायने नहीं रखता है। आप किस भाषा या क्षेत्र से आते है यह भी मायने नहीं रखता है। वह कहते है कि यूपीएससी में केवल आपकी मेहनत की मायने रखती है। अगर आप लगातार मेहनत करते है तो एक दिन आपको सफलता अवश्य मिलेगी। कांस्टेबल के पद से आईपीएस तक पहुंचने की विजय की कहानी कई लोगों को प्रेरणा देने का काम करेगी।

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