शतरंज की बिसात में नहीं फंसा ये अभिमन्यु, ढाई साल की उम्र में किया था खेलना, अब बना ग्रैंडमास्टर

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NEW DELHI : महाभारत के युद्ध में अभिमन्यु को मारने के लिए कौरव सेना पूरी बिसात बिछाती है। अभिमन्यु चक्रव्यू में चला तो जाता है लेकिन उससे निकल नहीं पाता है। लेकिन हम जिस अभिमन्यु की बात कर रहे है वह किसी भी चक्रव्यु को तोडऩे में सक्षम है। तभी उनसे महज 10 साल की उम्र में इंटरनेशनल मास्टर होने का भी खिताब हासिल कर लिया। यही अभिमन्यु चक्रव्यु बनाकर अपने विरोधियों को ही उलझा देता है।

भारत के ही आर प्रज्ञानंद को हराया

अभिमन्यु ने भारत के ही आर प्रज्ञानंद को हराकर रिकार्ड अपने नाम किया है। इस समय उनकी उम्र महज 10 साल, 9 महीने और 20 दिन थी। जबकि आर प्रज्ञानंद ने यह रिकार्ड बनाया तो उनकी उम्र 10 साल 10 महीने और 19 दिन थी। अभिमन्यु को शुरू से ही शतरंज का शौक रहा। उन्होंने महज ढाई साल की उम्र से ही खेलना शुरू कर दिया था। इस उम्र में बच्चे कार्टून देखकर अपना समय व्यतीत करते है। बच्चे अपने माता पिता से प्लास्टिक या लकड़ी से बने खिलौने को खरीदने की जिद कर रहे होते है। उस उम्र में अभिमन्यु ने अपना दिमाग चलाना शुरू कर दिया था।

12 साल की उम्र में बन गए गै्रंंडमास्टर

अभिमन्यु मिश्रा 12 साल की उम्र ग्रैडमास्टर बनने का रिकार्ड अपने नाम करवाया। यह रिकार्ड अब सालों तक उनके नाम ही रहेगा। क्योंकि ऐसी उम्मीद कम ही है कि इतनी कम उम्र में कोई इस रिकार्ड को तोड़ पाएगा। अभिमन्यु न केवल अपनी चाल से विरोधी खिलाड़ी को उलझाने की कोशिश करते है बल्कि उनकी चालों से बचने की कोशिश भी करते है।

जीएम सर्गेई कार्जकिन का रिकार्ड तोड़ा

अभिमन्यु ने इतनी कम उम्र में नहीं बल्कि कई रिकार्ड तोड़े। अभिमन्यु से अब इसके साथ ही जीएम सर्गेई कार्जकिन का साल 2002 में बना हुआ रिकार्ड तोड़ दिया। उन्होंने यह कारनाम 12 साल 7 महीने की उम्र में किया था। लेकिन अभिमन्यु ने जब यह रिकार्ड तोड़ा तो उनकी उम्र 12 साल 4 महीने 25 दिन थी। वह रिकार्ड अपने नाम करने में सफल रहे।

आईपैड और गैजेट की जगह शतरंज थमाया

भारतीय मूल के अभिमन्यू मिश्रा अमेरिका के न्यू जर्सी में रहते है। अभिमन्यू के पिता बताते है कि जब वह छोटे थे तो उन्होंने आईपैड और गैजेट की जगह उनका परिचय शतरंज से करवाया। अभिमन्यु की पिता हेमंत मिश्रा और मां सुमन शर्मा का जन्म भारत में हुआ था। लेकिन अब दोनों न्यू जर्सी के डाटा मैनेजमेंट कंपनी में काम कर रहे है। हेमंत भी शतरंज के काफी शौकिन है। वह भी घर में खाली समय मिलने पर शतरंज खेलते है।

रूसी कोच से ले रहे शतरंज की ट्रेनिंग

अभिमन्यु सात साल की उम्र में शतरंज विशेषज्ञ बन गए है। वह शतरंज की चालों को समझने के लिए काफी आराम से खेलते है। वहीं अपने को अधिक बेहतर बनाने के लिए उन्होंसे रूसी कोच से भी ट्रेनिंग ली थी। फिर वह किंग एंड क्विस अकादमी से जुडक़र आगे बढऩे लगे। यूएस चेस फेडरेशन की ओर से उनको सबसे छोटा चेस विशेषज्ञ घोषित किया। इस समय उनकी उम्र 7 साल 6 महीने 22 दिन थी।

अपने से बड़ी उम्र के खिलाडिय़ों के साथ खेलते है चेस

अभिमन्यु अपने से बड़ी उम्र के खिलाडिय़ों के खिलाफ भी प्रतियोगिता में भाग लेते है। न्यू जर्सी ओपन प्रतियोगिता में हिस्सा लेते हुए उन्होंने अपने रेटिंग बढ़ाने का काम किया। इस दौरान अभिमन्यु ने चेसकिड नेशनल इन्वीटेशनल प्रतियोगिता जीती थी। अभिमन्यु आए दिन मीडिया में भी छाए रहते है। साल 2016 में न्यूयॉर्कर मैगजीन ने उनके ऊपर लेख भी छापा था। अब वह आए दिन अखबार की सुर्खिया बने रहते है।

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