निराशा से टूट गया था मन, गिरते हौसले को संभाला, बन गए मुंबई के जाने-माने टैटू आर्टिस्ट

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NEW DELHI : कुछ लोग परेशानी में छूट जाते। कुछ लोग टूट जाते है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते है जो इन परेशानियों को तोडक़र उठ खड़े होते है। ऐसे ही लोगों में जिगनेश फुमकिया का नाम शामिल है। जिन्होंने किसी भी मुश्किल परिस्थिति में हिम्मत नहीं हारी। हालांकि बेरोगजारी से उसका मन टूट गया। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारते हुए दोबारा से अपना काम संभाला। आज वह मुंबई के जाने माने टैटू आर्टिस्ट है।

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फोटो -SCREENGRAB /DAINIK BHASKAR

परिवार का खर्च निकालने के लिए पढ़ाते थे ट्यूशन

जिगनेश के परिवार की माली हालत ठीक नहीं थी। वह खुद और अपने परिवार का खर्च निकालने के लिए स्कूल के बाद ट्यूशन पढ़ाते थे। वहीं जब गर्मियों में स्कूल की छुट्टी पड़ जाती थी तो वह छोटा मोटा काम करते थे। इस दौरान उन्होंने एंब्रॉयडरी के कारखाने में रोल पॉलिशर के रूप में कुछ समय के लिए काम किया। यही से उनके मन में टैटू आर्टिस्ट बनने का ख्याल आया।

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फोटो / SCREENGRAB /DAINIK BHASKAR

डिप्लोमा के तीसरे सैमेस्टर में फेल होने के बाद गए टूट

साल 2013 में डिप्लोमा के तीसरे सेमेस्टर में डिटेन होने से वह टूट गए। उनके मन में एक ख्याल अंदर ही अंदर खाए जा रहा था कि वह जीवन में क्या करेंगे। इस दौरान उनके मन में खुदखुशी करने का ख्याल भी आया। फिर उनके  सामने परिवार का चेहरा आ गया। इसके बाद उन्होंने दोबारा से खुद खड़ा होने की सोची।

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फोटो – SCREENGRAB /DAINIK BHASKAR

आर्टिस्ट बनने के लिए छोड़ दी नौकरी

जिगनेश डिप्लोमा करने के बाद जॉब नहीं करना चाहते थे। लेकिन परिवार की हालत खराब थी। परिवार के दवाब के कारण उनको जॉब करनी पड़ी। उन्होंने एक इंटरनेशनल कंपनी में नौकरी शुरू की। लेकिन 25वे दिन उन्होंने इस्तीफा दे दिया। इसके बाद वह फिर से एंब्रायडरी कारखाने में रोल पॉलिशर के रूप में काम करने लगे। इसके दौरान उन्होंने टैटू आर्टिस्ट बनने का प्लान किया।

कारखाने से मिलने वाली इनकम थी काफी कम

जिगनेश को कारखाने से इतनी इनकम नहीं मिलती थी कि वह टैटू से बनने वाला सामान खरीद सके। हालांकि टैटू मालिक जिगनेश के जुनून से काफी प्रभावित हुए। उन्होंने सामान खरीदने के लिए जिगनेश की मदद की। साल 2013 में जिगनेश ने काम करना शुरू करना दिया। धीरे धीरे अपने काम की बदौलत वह फेमस हो गए। आज वह सात लाख रुपए सालाना कमा रहे है।

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