Thursday, June 24, 2021

तीन बार हुए इंटरव्यू राउंड से बाहर, लेकिन नहीं मानी हार चौथी बार में UPSC को किया टॉप

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यूपीएससी की परीक्षा को पास करने के लिए कड़ी मेहनत के साथ-साथ धैर्य बनाए रखने की भी आवश्यकता होती है क्यूंकि किसी को नहीं पता कि यूपीएससी का सफर कितना लंबा होगा। इस परीक्षा के लिए देश के लाखों युवा तैयारी करते हैं और परीक्षा देते हैं लेकिन परीक्षा में सफलता सिर्फ कुछ ही लोगों को मिल पाती है। आज हम आपको एक ऐसे ही आईएएस अधिकारी के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें परीक्षा के इंटरव्यू राउंड से तीन बार बाहर कर दिया गया था लेकिन इस अधिकारी ने हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत के साथ चौथे प्रयास में परीक्षा में टॉप किया। आइए जानते हैं आईएएस अधिकारी परितोष पंकज की

बिहार के रहने वाले हैं परितोष

आज हम आपको आईएएस अधिकारी परितोष पंकज के संघर्ष की कहानी बताने जा रहे हैं। परितोष का जन्म बिहार एक बहुत ही छोटे से गाँव में हुआ था। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कुछ खास नहीं थी। अपनी शुरुआती पढ़ाई परितोष ने अपने गाँव से ही पूरी की। उसके बाद परितोष ने बीएससी नोटिकल साइन्स में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद परितोष को शिपिंग कंपनी में नौकरी  मिल गई लेकिन 5 साल जॉब करने के बाद परितोष यूपीएससी की तैयारी करने दिल्ली आ गए।

पहला प्रयास होता है सबसे अहम: परितोष

परितोष का यूपीएससी पास कर अधिकारी बनने का सपना बचपन से ही था। लेकिन वह कई कारणों से तैयारी शुरू नहीं कर पा रहे थे। लेकिन अब दिल्ली आकर परितोष ने कोचिंग लेना शुरू कर दिया और यूपीएससी की जमकर तैयारी करने लगे। जब उन्होंने पहला प्रयास किया तो उन्हें असफलता ही मिली लेकिन वह कहते हैं कि पहला प्रयास बहुत ही अहम होता है क्यूंकि उस प्रयास में आपके अंदर पूरा जोश, मोटिवेशन होता है। परितोष के अनुसार पहले प्रयास को आखिरी प्रयास मानकर परीक्षा देनी चाहिए।

अन्य कैंडीडेट्स को दी सलाह

पहले तीन प्रयासों में परितोष का इंटरव्यू राउंड में पहुँचने के बाद भी चयन नहीं हुआ। उसके बाद भी परितोष ने हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत के साथ चौथी बार प्रयास किया जिसमें परितोष को परीक्षा में सफलता भी मिली और उन्होंने परीक्षा को टॉप भी किया। वह अन्य कैंडीडेट्स को सलाह देते हुए कहते हैं कि एनसीईआरटी पढ़ना बहुत जरूरी है। साथ ही मेन्स के पेपर को भी पूरा करना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही परितोष परीक्षा की तैयारी के दौरान धैर्य बनाए रखने की भी बात कहते हैं।

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