जयपुर का ये रेलवे स्टेशन है नारी सशक्तिकरण का सटीक उदाहरण, महिलाओं के हाथों में हैं पूरे रेलवे स्टेशन की कमान

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आज पूरे विश्व में नारी सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। आज महिलाएं भी हर क्षेत्र में अपनी काबिलियत का परिचय दे चुकी हैं। इसके बावजूद आज के समय में भी यही माना जाता है कि महिलाएं सिर्फ घर में रहकर चूल्हा-चौका ही कर सकती हैं लेकिन आज हम आपको नारी सम्मान और सशक्तिकरण का ऐसा उदाहरण बताने जा रहे हैं जिससे यह साफ तौर पर जाहीर है कि आज महिलाएं जो चाहे वो कर सकती हैं और हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल सकती हैं। बता दें कि जयपुर में आज एक ऐसा रेलवे स्टेशन है जिसकी पूरी कमान महिलाओं के हाथों में है। आइए जानते हैं इस स्टेशन से जुड़ी कुछ खास बाते।

जयपुर में है ये रेलवे स्टेशन, जिसकी कमान है महिलाओं के हाथों में

बता दें कि जयपुर का गांधीनगर रेलवे स्टेशन भारत का ऐसा स्टेशन है जिसकी कमान पूर्ण रूप से महिलाओं के हाथों में हैं। यहाँ स्टेशन मास्टर से लेकर सफाई कर्मचारी भी महिलाएं ही हैं। पिछले 3 सालों से महिलाएं ही इस रेलवे स्टेशन का संचालन कर रही हैं। जानकारी के मुताबिक फिलहाल इस स्टेशन पर 40 कर्मचारी कार्यरत हैं। आज यह रेलवे स्टेशन नारी सशक्तिकरण की मिसाल बन चुका है। साथ ही इस स्टेशन पर काम कर रही महिलाएं भी आज अनेकों महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन चुकी हैं।

GandhiNagar Railway Station

भारत का पहला मेन स्टेशन है जिसका संचालन महिलाएं करती हैं

जानकारी के मुताबिक गांधीनगर रेलवे स्टेशन भारत का पहला मेन स्टेशन है जिसकी कमान को पूर्ण रूप से महिलाओं के हाथों में सौंपा गया है। इससे पहले माटुंगा रेलवे स्टेशन ने यह सराहनीय कार्य किया था लेकिन वह एक उप-नगरीय रेलवे स्टेशन था। आज गांधीनगर स्टेशन से रोजाना करीब 50 ट्रेनें गुजरती हैं और लगभग 7 हज़ार यात्री इस स्टेशन से यात्रा करते हैं। इस स्टेशन को संभालना कोई आसान बात नहीं है। लेकिन महिलाओं के जज़्बे और उनके बुलंद इरादों के साथ यह स्टेशन बखूबी संचालित किया जा रहा है।

बेहतर संचार के लिए महिलाओं ने बनाया है “सखी” नाम का व्हाट्सएप ग्रुप

बता दें कि इस स्टेशन पर आरएफ़पी स्टाफ में भी महिलाएं ही कार्यरत हैं। इसके अलावा महिलाएं इस स्टेशन पर दिन-रात 8 घंटे की शिफ्ट के हिसाब से काम करती हैं। स्टेशन पर महिलाओं के लिए पैड वेंडिंग मशीन भी लगाई गई है। साथ ही बेहतर संचार के लिए महिला कर्मचारियों का “सखी” नाम का एक व्हाट्स एप ग्रुप भी है। आज इस रेलवे स्टेशन से प्रेरित होकर अन्य रेलवे स्टेशन भी इस सराहनीय कार्य को करने की पहल कर रहे हैं।

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