Monday, June 14, 2021

ये प्रिंसीपल महोदय,बच्चों को पढ़ाने के साथ साथ हर रोज एक घंटा पहले आकर स्कूल में लगाते हैं झाडू-पोंचा

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राजकोट। क्या आप कभी विश्वास करेंगे कि किसी भी स्कूल का प्रिंसीपल अपने बच्चों को शिक्षित करने के साथ साथ उन्हें साफ सफाई के प्रति इतना जागरूक करें कि खुद ही झाडू पोंछा लगाने लगें। हो सकता है कि आपको यह बात एक मजाक के तौर पर लगे, मगर आज हम आपको एक ऐसे अध्यापक और प्रिंसीपल से मिलाने जा रहे हैं, जोकि अपने ही स्कूल में खुद ही साफ सफाई का काम भी करते हैं।

जी-हां यह सुनकर आप कतई भी विश्वास नहीं करेंगे। मगर यह बात बिल्कुल सौ प्रतिशत सच है। जिस स्कूल की हम आपको पूरी बात बताने ,वहां के प्रिंसीपल अपने बच्चों को पढ़ाने के साथ साथ खुद ही वहां पर झाडू पोंछा भी करते हैं। हैं ना हैरान करने वाली बात। मगर इस प्रिंसीपल महोदय की दिल को छू लेने वाली इस बात ने उन्हें सोशल मीडिया पर हीरो बना दिया है। लोग उन्हें एक आदर्शवादी और एक बेहतरीन शिक्षक की उपाधि से भी नवाज रहे हैं।

तो चलिए हम आपको बताते हैं कि इन प्रिंसीपल महोदय का नाम गिरीश भाई बावलिया (Girish Bhai Bavaliya)  है, जोकि वालोद गांव( Valod Village) के प्राईमरी स्कूल (Primery School) में हैडमास्टर (Headmaster) के तौर पर कार्यरत हैं। यह स्कूल राजकोट गुजरात ( Distt Rajkot Gujrat) में स्थित है। हैडमास्टर साहब द्वारा अपने स्कूल में पोंछा लगाते हुए का फोटो छत्तीसगढ़ के आईएएस अफसर अवनीश शरण (IAS Awanish Sharan) ने सोशल मीडिया (Social Media) पर शेयर किया है। फोटो में आप अच्छी तरह से देख सकते हैं कि किस तरह से हैडमास्टर साहब स्कूल में पोंछा लगा रहे हैं।

आईएएस अफसर अवनीश शरण ने इस फोटो के साथ कैप्शन में लिखा है कि आप विश्वास करेंगे कि ये एक सरकारी स्कूल के प्राचार्य हैं। 13 साल तक शिक्षक की नौकरी करने के बाद उन्होंने प्रिंसीपल की परीक्षा पास की ओर इस पद पर पहुंचे। वह हर रोज एक घंटा पहले आकर स्कूल की सफाई करते हैं।

सोशल मीडिया पर यह फोटो वायरल होते ही लोग प्रिंसीपल गिरीश भाई की तारीफ करते नहीं थक रहे। एक टवीटर यूजर ने लिखा है कि सबसे बड़ी और अच्छी बात पता है सर, यह दिव्यांग हैं और बहुत ही विशाल हदय के मालिक हैं। शिक्षक होने का उनमें कोई घमंड नहीं है। वहीं एक अन्य यूजर ओपी शेखावत ने लिखा है कि काश इस देश में ज्यादा नहीं 100 लोग ऐसे होते, तो इस देश की तकदीर और तस्वीर दोनों ही बदल जाती।

एक अन्य टवीटर यूजर ए.के. ने प्रिंसीपल को सलाम करते हुए अपने मन के विचार भी व्यक्त किए हैं। उन्होंने कहा कि यह तारीफ की बात नहीं हो सकती सर कि उन्हें ये काम करना पड़ रहा है, इससे उनके अपने काम में अवरोध हो सकता है। वहीं आलोक ने लिखा है कि ऐसी सरलता आजकल बहुत विरला ही देखने को मिलती है। आज के दिखावटी शो ऑफ और कृत्रिम माहौल में आपकी सरल-सहज जीवनशैली बढिय़ा संदेश दे रही है। प्रिंसीपल महोदय आप दूसरों को प्रेरित करते रहिए। इस तरह से काफी संख्या में लोगों ने प्रिंसीपल महोदय की तारीफ की तो कुछ ने उसमें नुस्ख भी निकाले।

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