प्लास्टिक का कचरा अब नहीं है बेकार, प्लास्टिक कचरे से बनाया गया वनीला फ्लेवर फूड इंडस्ट्री में भी हो सकेगा इस्तेमाल

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आज के समय में प्लास्टिक का उपयोग कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है। प्लास्टिक वेस्ट बढ़ने के कारण पर्यावरण को भी नुकसान पहुँच रहा है। आज बेशक लोगों को प्लास्टिक का कम उपयोग करने के लिए जागरूक किया जा रहा है लेकिन उसके बाद भी इसपर पूरी तरह से सफलता पाना अत्यंत मुश्किल है। लेकिन हाल ही में अब एक खबर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। जिसमें बताया जा रहा है कि अब प्लास्टिक का कचरा वेस्ट नहीं है बल्कि इस कचरे से वनीला फ्लेवर बनाया जा सकता है। इतना ही नहीं इस वनीला फ्लेवर को फूड इंडस्ट्री के साथ-साथ फार्मा इंडस्ट्री में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा। आइए जानते हैं इस खबर को विस्तार से।

प्लास्टिक कचरे से बनेगा वनीला फ्लेवर

हाल ही में एक खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है जिसमें प्लास्टिक कचरे से वनीला फ्लेवर बनाने का दावा किया जा रहा है। वैज्ञानिको ने इस फ्लेवर को तैयार करने के लिए जेनेटिकली मोडिफ़ाइड बैक्टीरिया का इस्तेमाल किया है। इस आविष्कार को एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर जोएना सैडलर ने किया है। बता दें कि प्लास्टिक के कचरे से किसी बहुमूल्य कैमिकल को बनाने का यह पहला उदाहरण है। एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी के स्टीफन वॉलेस का कहना है कि प्लास्टिक का कचरा कार्बन का नया साधन है जिससे कई आवश्यक उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं।

फूड इंडस्ट्री और फार्मा इंडस्ट्री में भी हो सकेगा इस्तेमाल

ग्रीन कैमिस्ट्रि जर्नल में प्रकाशित एक शोध के अनुसार, इस फ्लेवर को बनाने के लिए सबसे पहले वैज्ञानिकों ने ई कोली बैक्टीरिया के जीनोम में बदलाव किए और उसके बाद प्लास्टिक से टेरिप्थेलिक एसिड को बैक्टीरिया की सहायता से 79 प्रतिशत वेनिलीनमें बदल दिया। प्लास्टिक के कचरे से बने इस वेनिलीनका इस्तेमाल कॉस्मेटिक में भी किया जा सकेगा। इस वेनिलीन का इस्तेमाल अब फूड इंडस्ट्री के साथ-साथ फ़ार्मा इंडस्ट्री में भी किया जा सकेगा।

प्लास्टिक रिसायकल की मात्रा है मात्र 14 फीसदी

एक जानकारी के मुताबिक दुनिया में हर 1 मिनट में 10 लाख प्लास्टिक की बोतल बेची जाती हैं जिसमें से मात्र 14 फीसद प्लास्टिक ही रिसायकल होता है। अब तक प्लास्टिक को रिसायकल कर उससे कपड़े और कार्पेट तैयार किए जाते हैं लेकिन अब इस नए शोध के अनुसार प्लास्टिक कचरे से वनीला फ्लेवर भी तैयार किया जा सकता है। अब प्लास्टिक के कचरे से तैयार इस फ्लेवर का इस्तेमाल परफ्यूम में भी किया जा सकेगा।

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