अमेरिका से कॉरपोरेट की नौकरी छोड़ शुरू किया डेयरी फार्म, रोजाना लोगों को पिलाते है 20 हजार लीटर दूध

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NEW DELHI  : डेयरी बिजनेस को अभी भी भारत में अधिक महत्व नहीं दिया जाता है। खासकर युवाओं के मन में रहता है डेयरी फार्मिंग केवल अशिक्षित लोगों का ही काम है। युवा पढ़ लिखकर डिग्री हासिल करके केवल अच्छी नौकरी हासिल करना चाहते है। लेकिन कुछ ऐसे भी युवा है। जो अच्छी नौकरी छोडक़र फार्मिंग की तरफ रूख कर रहे है। ऐसे लोगों में किशोर इंदूकुरी भी शामिल है।

आईआईटी खडग़पुर से हासिल की डिग्री

किशोर बताते है कि वह अमेरिका में इंटेल में नौकरी करते थे। उन्होंने आईआईटी खडग़पुर से डिग्री हासिल की थी। डिग्री हासिल करने के बाद वह अमेरिका चले गए। वहां पर भी उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। इसके बाद उनको इंटेल कंपनी से जॉब का ऑफर आया। जो उन्होंने ज्वाइंन कर ली।

कई देशों का किया भ्रमण

किशोर बताते है कि उन्होंने अपनी जॉब में साउथ कोरिया, जापान सहित कई देशों का भ्रमण किया। उनकी नौकरी भी अच्छी थी। वेतन भी अच्छा था। ऐसे में उनके पास कोई कारण नहीं था कि वह नौकरी को छोड़े। लेकिन उनके मन में एक जगह पर खालीपन सा रहता था। इसको क्वालिटी आफ लाइफ कहा जा सकता है। वह उनके पास नहीं था।

 नौकरी छोडक़र हैदराबाद वापस लौटे

किशोर बताते है कि वह कुछ समय तक नौकरी करने के बाद अपनी जॉब छोडक़र वापस हैदराबाद लौट आए। यहां पर उन्होंने डेयरी फार्मिंग शुरू करने का विचार किया। लेकिन इस काम से वह अनजान थे। किशोर बताते है कि उनके पिता मैकेनिकल इंजीनियर थे। वह अपनी जॉब को इंजॉय कर रहे थे। ऐसे में वह भी कोई ऐसा काम करना चाहते थे। जिसको करने में दिल से आनंद आए।

किसानों से ट्रेनिंग लेनी की शुरू

डेयरी फार्मिंग शुरू करने के लिए किशोर ने किसानों से ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि मैंने डेयरी फार्मिंग को लेकर छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी चीज सीखी। उन्होंने 20 गायों के लिए साथ डेयरी फार्मिंग शुरू किया। इसमें करीबन एक करोड़ रुपए खर्च हुए।

लोगों को फ्रैश दूध उपलब्ध करवाना था लक्ष्य

किशोर बताते है कि उनका लक्ष्य लोगों को डोर टू डोर फ्रै श दूध उपलब्ध करवाना लक्ष्य था। इसके बाद धीरे धीरे इनकी डेयरी में दूध की डिमांड बढ़ती गई। इन्होंने डेयरी का नाम अपने बेटे सिद्वार्थ के नाम से रखा। वह बताते है कि सुबह चार बजे तक यह दूध निकालकर पैक कर देते है। इसके बाद आटो रिक्शा के माध्यम से दूध की सप्लाई शुरू कर दी है।

44 करोड़ है रेवेन्यू

किशोर के अनुसार अब उनके पास 70 गाए है। वहीं 1500 डेयरी फार्मर उनके साथ काम करते है। इसके अलावा वह प्रतिदिन 20 हजार लीटर दूध सप्लाई करते है। डेयरी से उनका 44 करोड़ का रेवन्यू है। वह कहते है कि अगर आपके मन में कुछ करने की इच्छा है तो आप जरूर सफल होंगे।

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