Sunday, June 13, 2021

खेलने कूदने की उम्र में खड़ा कर दिया कारोबार, अद्वैत ठाकुर ने कर दी खुद की वेबसाइट लांच

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नई दिल्ली : जिस उम्र में बच्चे खेलकूद अपने बचपन का आनंद लेते है। उस उम्र में अद्वैत (Advaita) ने अपनी वेबसाइट लांच करके करोड़ों का कारोबार खड़ा कर दिया। अद्वैत बचपन से ही पढ़ाई में काफी अच्छे थे। 18 साल के होने से पहले ही इन्होंने अपनी कंपनी लॉंच कर ली। वहीं कंपनी के सीईओ के पद पर भी तैनात हो गए।

इस तरह से हुई शुरुआत

अद्वैत को बचपन से ही कंप्यूटर से लगाव था। इनके पिता रविंद्र ठाकुर (ravinedre thakur )एक इंजीनियर थे। वह अपना अधिकतर काम कोडिंग में करते थे। ऐसे में अद्वैत के मन में भी कंप्यूटर (computer)चलाने की ललक हो गई। जब पिता को बेटे की इच्छा के बारे में पता चला तो उन्होंने अद्वैत को कंप्यूटर के बारे में बेसिक नॉलेज देनी शुरू कर दी। उस समय से अद्वैत ने कंप्यूटर से प्यार करना शुरू कर दिया। वह कंप्यूटर को एक खिलौने की तरह इस्तेमाल करने लगा। नौ साल की उम्र में वेबसाइट बना डाली।

इंटरनेट सल्यूशन देने वाली वेबसाइट हुई फेमस

अद्वैत की बनाई हुई वेबसाइट इतनी फेमस हुई कि उन्हें अपना बिजनेस (buniess) खड़ा करने में अधिक समय नहीं लगा। उनकी किस्मत ने अचानक से करवट ले ली। उन्होंने आनलाइन क्लास करके कोड बनाना सीख लिया। इसके बाद उन्होंने अपने बिजनेस को आगे ले जाने का निर्णय लिया। उन्होंने न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में बताया कि कोड सीखने के बाद उन्होंने आनलाइन क्लास कर प्रोग्रामिंग भी सीखी। इसके बाद उन्हें अपनी वेबसाइट के जरिए दो क्लाइंट मिले।

मार्केटिंग नहीं थी बिल्कुल भी आसान

अद्वैत के सामने अब चुनौती थी कि वह बाजार में अपनी कंपनी को कैसे स्थापित करे। वहीं कोई यह नहीं समझ पा रहा था कि एक बच्चा मार्केटिंग के क्षेत्र में आकर क्या करे। लेकिन अद्वैत को तो बस आगे बढऩा था। वह अभी तक फ्री में सेवाएं दे रहे थे। फिर उन्होंने विदेशी कंपनी के लिए वेब पोर्टल (web portal )तैयार किया। इसके बदले उनकी 400 डॉलर की कमाई हुई। जिसके बाद अद्वैत को बिजनेस के सही मायने समझ गए।

12 साल की उम्र में बन गए कंपनी के सीईओ

डीएवी पब्लिक स्कूल के छात्र अद्वैत ने एपेक्स इंफोसिस इंडिया के नाम से अपनी खुद ही कंपनी शुरू की। जब अद्वैत अपनी कंपनी के सीईओ बने तब उनकी उम्र महज 12 साल थी। उन्होंने एक मान्यता प्राप्त डोमेन बनाकर रजिस्ट्रर करा लिया। यही उनका सबसे बड़ा कान्टैक्ट था। इसी के दम पर उन्होंने अद्वैत कंपनी को प्रतिष्ठित बना दिया। इसके साथ वह भारतीय कंप्यूटर प्रोग्रामर से टीनेज इंटरनेट उद्यमी बन गए।

पिता ने बढ़ाया बेटे का हौसला

बेटे को आगे बढ़ता देखकर पिता ने भी उनका हौसला बढ़ाया। सफलता को लेकर अद्वैत कहते है कि यह तो एक शुरुआत है। वह अपनी कंपनी को लीडिंग कंपनी में शामिल करना चाहते है। अद्वैत को यह प्ररेणा मार्क जुकरबर्ग से मिली है। एपेक्स इंफोसिस घरों और व्यवसायों के लिए स्वचालन और नेटवर्किंग सिस्टम की एक अग्रणी प्रदाता कंपनी बना दी। जो प्रकाश ऑडियो, वीडियो, जलवायु नियंत्रण, इंटरकॉम और सुरक्षा सहित उपकरणों को नियंत्रित करती है। कुल मिलाकर आपको अगर डिजिटल हल चाहिए तो इस प्लेटफार्म पर मिल जाएगा।

भारत के यंग एंटरप्रेन्योर आफ इंडिया

अद्वैत ने 12 साल की उम्र में बड़ी कामयाबी हासिल की है। ये ऐसी उम्र है जब बच्चे सोचते है कि दसवीं के बाद कौन सा विषय लिया जाए। तब वह स्टार्टअप इंडिया के 10 एंटरप्रेन्योर में शामिल हो चुके है। अद्वैत विकिया की यंग आंत्रप्रेन्योर अंडर-20 की 2017 की लिस्ट में चौथे स्थान में रह चुके है।

 

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