पिता चलाते थे रिक्शा, बेटे ने किया वेटर का काम, भूख से लड़ते हुए अंसार बनें आईएएस अफसर

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नई दिल्ली।  (IAS Success Story) कहते हैं यदि मन में कोई भी काम करने की ठान लो तो फिर उसे पूरा भी किया जा सकता है। इसके लिए चाहे रास्ते में कितनी भी रूकावट क्यों ना आए, मगर वह जरूर पूरा होता है। यह भी कहावत है कि यदि मन से किसी काम को करने की चाहत रखो तो फिर कुदरत भी उसे पूरा करने में अपना योगदान देती है। ठीक उस 21 साल नौजवान की तरह, जिन्होंने गरीब और भूख से लड़ते हुए आईएएस अधिकारी बनने का सपना देखा और उसे पूरा भी किया।

अंसार शेख आईएएस फोटो – इंस्टाग्राम

पिता चलाते थे ऑटो, मां करती थी मजदूरी

इस युवक की कामयाबी किसी फिल्मी स्टोरी (Filmy Story) से कम नहीं है। अंसार शेख (Ansar Shaikh) ने महज 21 साल की उम्र में तमाम कठिनाईयों से जूझते हुए देश की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी (UPSC) को पास करके अपने परिवार का नाम रोशन किया था। महाराष्ट्र (Maharashtra) के एक छोटे से गांव में रहने वाले अंसार के पिता ऑटो रिक्शा (Auto) चलाकर किसी तरह से अपने परिवार का पेट पाल रहे थे। जबकि उनकी मां खेतों में मजदूरी किया करती थीं।

स्कूल छुडवाना चाहते थे पिता

इस परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी बदहाल थी कि दो लोगों की कमाई से भी घर का खर्च नहीं चल पाता था। तब अंसार के पिता ने अपने बेटे की पढ़ाई छुड़वाकर उसे भी काम में लगाने का निर्णय लिया था। पंरतु कहते हैं कि होता वही है जो कुदरत चाहती है। अंसार के पिता जब अपने बेटे को स्कूल से निकलवाना चाह रहे थे, तभी टीचर पुरूषोतम ने उन्हें समझा बुझाकर ऐसा करने से रोक दिया और अंसार को स्कूल से निकलने से बचा लिया।

कंप्यूटर सीखने के लिए किया वेटर का काम

अंसार ने अपनी मेहनत से दसवीं तक पहुंचने में सफलता पा ली थी। दसवीं में आते ही अंसार ने कंप्यूटर सीखना चाह था। मगर कंप्यूटर क्लास की फीस तीन हजार रुपए थी। ऐसे में अंसार ने एक होटल में वेटर की नौकरी शुरू कर दी। काम के बीच अंसार को दो घंटे की छुटटी मिलती थी, उस टाईम में वह कंप्यूटर सीखने लगा। इस तरह से अंसार ने अपनी कंप्यूटर कोचिंग पूरी की। इस तरह से धीरे धीरे अंसार शिक्षा ग्रहण करते रहे।

यूपीएससी करने की मिली सलाह

इस बीच टीचर ने अंसार से यूपीएससी की तैयारी करने के लिए कहा। टीचर की सलाह पर अंसार ने यूपीएससी परीक्षा की तैयारी भी शुरू कर दी। हालांकि परिवार की आर्थिक स्थिति के बीच उसके लिए यह सब आसान नहीं था। इसके बावजूद कॉलेज में पढ़ते हुए जब छुटिटयां मिलती थी, तब अंसार कोई ना कोई काम करके पैसा कमाने लगे थे। ताकि अपने परिवार का हाथ बंटा सकें। इसके बावजूद उन्होंने रात दिन मेहनत और लगन से यूपीएससी की तैयारी जारी रखी।

साल 2015 में पास की यूपीएससी की परीक्षा

साल 2015 में अंसार ने पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी। हैरत की बात है कि जब लोग कई बार परीक्षाए देने के बावजूद भी फेल होकर घर बैठ जाते थे, उस समय में अंसार ने पहली ही बार में यूपीएससी परीक्षा को पास करके अपने योगयता साबित कर दिखाई थी। अंसार ने पहली ही बार में 361वीं रैंक हासिल कर ली थी। हैरत की बात है कि जब अंसार का रिजल्ट आया था तो उनके पास एक भी पैसा नहीं था, जिससे वह अपने दोस्त और परिवार वालों का मुंंह मीठा करवा पाएं। ऐसे में उनके दोस्तों ने उन्हें खाना खिलाया और मुुंह भी मीठा करवाया। इस तरह से अंसार ने अपनी मेहनत, जज्बे और हौंसले के बल पर यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा को पास कर आईएएस अफसर बनकर दिखाया।

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