एमबीबीएस बनना चाहती थी गरिमा, एक घटना ने बदल दी जीवन की दिशा, बनी IAS

आप जीवन में करना कुछ और चाहते है। लेकिन आपके जीवन में कुछ ऐसी घटना घट जाती है जिससे आपके जीवन की दिशा बदल जाती है।

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आईएएस गरिमा (garima) भी कुछ ऐसी परिस्थितियों से गुजरी। गरिमा सिंह शुरुआत से ही डाक्टर (doctor) बनना चाहती थी। इसके लिए वह एमबीबीएस (MBBS) भी करना चाहती थी। लेकिन उनके पिता ओंकार नाथ चाहते थे कि वह सिविल सर्विस में जाए। गरिमा का जन्म 14 जनवरी 1987 के बलिया जिले में हुआ। अब गरिमा का परिवार दिल्ली में रहता है।

एक घटना ने बदल दी जीवन की दिशा
गरिमा के जीवन में हुई एक घटना ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। गरिमा एक दिन रिक्शे पर अपने हॉस्टल आ रही थी। रास्ते में पुलिस चैकिंग कर रही थी। चैकिंग करने वाले सिपाही ने रिक्शा रोक लिया। उन्होंने गरिमा से पूछा कि वह इतनी रात में कहां से आ रही है। काफी देर तक गरिमा और पुलिस वाले में बहस हुई। जिसके बाद पुलिस वाले ने उनसे 100 रुपए घूस मांगा। इस घटना के बाद गरिमा का जीवन बदल गया। उनके सोचने का तरीका भी बदल गया।

गरिमा ने 2012 में सिविल सर्विस की परीक्षा दी
गरिमा ने 2012 में सिविल सर्विस (CIVIL SERVICE) की परीक्षा दी। लखनऊ में वह दो साल तक एसपी प्रशिक्षु रही। इसके अलावा झांसी की एसपी सिटी के पद पर रही। गरिमा ने 2016 में सिविल सर्विस की परीक्षा दी। उनका रैंक 55 आया। गरिमा ने दो साल बाद शादी की। उनके पति नोएडा में इंजीनियर है। आईएएस के पद पर रहते हुए उन्होंने कई ऐसे काम किए। जिनकी अभी भी सराहना करते है।

पिता के सपने को पूरा करने के लिए दी आईएएस की परीक्षा
गरिमा ने अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए आईएएस की परीक्षा दी। वह पढ़ाई लिखाई में शुरू से ही होशियार थी। कभी पुलिस के लिए मन में कड़वाहट रखने वाली गरिमा पहले आईपीएस बनी। फिर आईएएस बनी।

 

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